पोड़ी के ग्रामीणों ने बताया…खाते में चढ़ गयी 55 एकड़ सरकारी जमीन..आरोपियों ने लोन लिया, धान भी बेचा…कलेक्टर ने तत्काल दिया आदेश

55 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा..पटवारी की मिलीभगत

बिलासपुर— जमीन चोर आदतों से बाज नहीं आ रहे है। गनियारी तहसील क्षेत्र स्थित पोड़ी के किसानों ने आज कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर गांव की सरकारी जमीन पर खाते में चढ़ाने का आरोप लगाया है। कलेक्टर ने तत्काल तहसीलदार को फोन कर मामले को गंभीरता से लेने को कहा है। किसान ऋषि त्रिवेदी ने बताया कि मामला सामने आने के बाद सरकारी जमीन पर काबिज लोगों का नाम आनलाइन से हटा दिया गया है। हमने कलेक्टर से बताया है कि इस पूरे मामले में पटवारी और सरकारी अमले में बैठे लोगों की भूमिका संदिग्ध है।  

       तखतपुर क्षेत्र के गनियारी स्थित  पोड़ी के ग्रामीण और किसानों ने कलेक्टर से मिलकर गांव की करीब 55 एकड़ सरकारी जमीन चोरी करने का आरोप लगाया है। किसान ऋषि त्रिवेदी ने बताया किगांव के विभिन्न सरकारी खसरा को निजी भूमि बनाकर आनलाइन चढाया गया है।

कुछ लोगों ने जमीन फर्जीवाड़ा कर सरकारी जमीन पर लोन भी लिया है। पटवारी और सरकारी अमले से मिलीभगत कर धान भी बेचा है।

       ऋषि त्रिवेदी ने बताया कि सरकारी जमीन को हड़पने का काम साल 2019 से हो रहा है। इसमें प्रमुख रूप से अजय कुमार पिता राजेन्द्र कुमार, बिसाहू घोसले और हेमन कुमार का नाम सामने आया है। 2024 में गिरदावली के दौरान जमीन चोरी का पता चलने के बाद गांव के जागरूक किसानों ने बैठक कर कब्जा का विरोध किया। विरोध की जानकारी के बाद आरोपियों ने रातों रात आनलाइन गड़बड़ी को विलोपित कर दिया।

लेकिन इसके पहले कुछ लोगों ने खसरा नम्बर डाउन लोड कर लिया था। आज कलेक्टर से मिलकर सारी जानकारी को साझा किया है।

स्टोर कीपर बन गया फार्मेसी कौंसिल रजिस्ट्रार..नियुक्ति को याचिकाकर्ता ने बताया गलत..हाई कोर्ट से विवादित आदेश पर रोक

            मामले में किसान ऋषि ने जानकारी दिया कि कलेक्टर ने हमारी शिकायतों को गंभीरता से लिया है। तत्काल तहसीलदार को फोन कर जांच का आदेश दिया है। साथ ही रिपोर्ट पेश करने को कहा है। हमने भी मांग की है कि जमीन चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।वर्तमान में CGWALL में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।

Related Articles